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NEET PG 2025: सुप्रीम कोर्ट ने NBE की दो-शिफ्ट परीक्षा की दलील खारिज की, एकल शिफ्ट में परीक्षा कराने का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने NEET PG 2025 को एकल शिफ्ट में कराने का आदेश दिया, NBE की दो-शिफ्ट दलील को खारिज किया। कोर्ट ने कहा कि सभी उम्मीदवारों के लिए निष्पक्षता जरूरी है, भले ही कुछ ही आपत्ति जताएं।

Vivek G.
NEET PG 2025: सुप्रीम कोर्ट ने NBE की दो-शिफ्ट परीक्षा की दलील खारिज की, एकल शिफ्ट में परीक्षा कराने का आदेश

हाल ही में हुई NEET PG 2025 की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि किसी एक उम्मीदवार के पास वैध शिकायत है तो उसे भी न्याय मिलना चाहिए। कोर्ट ने नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन्स (NBE) की इस दलील को खारिज कर दिया कि बहुत कम उम्मीदवारों ने दो-शिफ्ट परीक्षा के खिलाफ आवाज उठाई है।

यह मामला न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की पीठ के सामने आया। NBE ने NEET PG 2025 परीक्षा दो शिफ्ट में कराने की योजना बनाई थी, जिस पर कई याचिकाकर्ताओं ने आपत्ति जताई थी और परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठाए थे।

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NBE की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनींदर आचार्य ने तर्क दिया,

“2.5 लाख उम्मीदवारों में से केवल कुछ ही इस अदालत में आए हैं। बाकी उम्मीदवारों को दो शिफ्ट से कोई समस्या नहीं है। वे यहां नहीं आए।”

हालांकि, कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। न्यायमूर्ति संजय कुमार ने स्पष्ट कहा,

“संख्या महत्वपूर्ण नहीं है। यदि किसी एक उम्मीदवार के पास वैध और सही शिकायत है, तो वह पर्याप्त है। हमें सैकड़ों या हजारों की आवश्यकता नहीं है। संख्या वास्तव में महत्वपूर्ण नहीं है।”

याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि दो-शिफ्ट परीक्षा का प्रारूप निष्पक्षता से समझौता करता है क्योंकि अलग-अलग शिफ्ट में प्रश्न पत्रों के कठिनाई स्तर में अंतर हो सकता है।

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NBE ने आगे कहा कि एकल शिफ्ट में परीक्षा कराना संभव नहीं है क्योंकि पर्याप्त परीक्षा केंद्र उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि नॉर्मलाइज़ेशन से शिफ्टों के बीच के किसी भी अंतर को दूर कर दिया जाएगा।

हालांकि, कोर्ट ने इन दलीलों को खारिज कर दिया। कोर्ट ने NBE को आदेश दिया कि NEET PG 2025 परीक्षा एकल शिफ्ट में कराई जाए ताकि सभी उम्मीदवारों के लिए परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष हो। कोर्ट ने यह भी कहा कि परीक्षा 15 जून 2025 को निर्धारित है, और NBE के पास आवश्यक व्यवस्था करने के लिए पर्याप्त समय है।

NBE की समय सीमा से जुड़ी कठिनाइयों की दलील पर कोर्ट ने कहा कि यदि NBE 15 जून तक व्यवस्था पूरी करने में असमर्थ है, तो वह परीक्षा की तारीख बढ़ाने की अनुमति मांग सकता है।

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यह फैसला इस बात की पुष्टि करता है कि हर उम्मीदवार को निष्पक्ष परीक्षा प्रक्रिया का अधिकार मिलना चाहिए, चाहे शिकायत करने वाले उम्मीदवारों की संख्या कितनी भी कम क्यों न हो।

केस नं. – डायरी नं. - 22918/2025

केस का शीर्षक – डॉ. अदिति एवं अन्य बनाम नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज एवं अन्य।

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