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आदेशों की अवहेलना पड़ी भारी: सुप्रीम कोर्ट ने कर्ज विवाद में स्कूल को स्थायी रूप से बंद करने का निर्देश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने कर्ज विवाद और आदेशों की अवहेलना के चलते महाराष्ट्र के एक निजी स्कूल को 1 मई 2026 से स्थायी रूप से बंद करने का निर्देश दिया। - चैतन्य बहुउद्देशिया शिक्षण प्रसारक मंडल और अन्य। बनाम ऑक्सिलो फिनसर्व प्राइवेट लिमिटेड लिमिटेड एवं अन्य।

Shivam Y.
आदेशों की अवहेलना पड़ी भारी: सुप्रीम कोर्ट ने कर्ज विवाद में स्कूल को स्थायी रूप से बंद करने का निर्देश दिया

सर्वोच्च न्यायालय ने एक अहम आदेश पारित करते हुए महाराष्ट्र स्थित एक निजी स्कूल को 1 मई 2026 से स्थायी रूप से बंद करने का निर्देश दिया। अदालत ने यह कदम तब उठाया जब प्रबंधन ने बार-बार दिए गए आश्वासनों और न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं किया।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला चैतन्य बहुउद्देशीय शिक्षण प्रसारक मंडल द्वारा संचालित स्कूल से जुड़ा है, जिसने एक वित्तीय संस्था से लगभग ₹5.06 करोड़ का कर्ज लिया था। कर्ज का भुगतान न होने पर SARFAESI Act के तहत कार्रवाई शुरू हुई।

रिकॉर्ड के अनुसार, प्रबंधन ने कई बार भुगतान के वादे किए-चाहे वह पत्र के माध्यम से हो, ट्रिब्यूनल में दिया गया आश्वासन हो या हाईकोर्ट के सामने प्रस्तुत शेड्यूल-लेकिन हर बार पालन नहीं हुआ।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने पहले ही स्कूल की गतिविधियां बंद करने और संपत्ति का कब्जा लेने के निर्देश दिए थे, जिन्हें लागू करने में भी बाधाएं सामने आईं।

पीठ में शामिल न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा ने सुनवाई के दौरान प्रबंधन के आचरण पर गंभीर चिंता जताई।

अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने

“न्यायालय के आदेशों की बार-बार अवहेलना की है” और यह व्यवहार “कानून के शासन के प्रति गंभीर उदासीनता” दर्शाता है।

साथ ही, अदालत ने यह भी नोट किया कि नियुक्त प्रशासक को कार्यभार संभालने में सहयोग नहीं दिया गया और आवश्यक दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं कराए गए।

हालांकि अदालत ने प्रबंधन की आलोचना की, लेकिन छात्रों के हित को प्राथमिकता दी।
पीठ ने पहले ही निर्देश दिया था कि अभिभावकों को वैकल्पिक स्कूलों में बच्चों का दाखिला कराने के विकल्प बताए जाएं।

अदालत ने यह भी सुनिश्चित किया कि सभी छात्रों को ट्रांसफर सर्टिफिकेट जारी किए जाएं ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।

सभी तथ्यों को देखते हुए अदालत ने स्पष्ट आदेश दिया:

  • स्कूल को 1 मई 2026 की पूर्वाह्न से स्थायी रूप से बंद किया जाए
  • प्रबंधन सभी छात्रों को ट्रांसफर सर्टिफिकेट जारी करे
  • सुरक्षित संपत्ति का कब्जा लेने में पुलिस प्रशासन सहयोग दे
  • वित्तीय संस्था को संपत्ति की नीलामी के लिए स्वतंत्रता दी गई
  • याचिकाकर्ताओं पर ₹1 लाख लागत भी लगाई गई

अदालत ने यह भी चेतावनी दी कि यदि आदेश के पालन में कोई बाधा उत्पन्न की गई तो कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

Case Details

Case Title: Chaitanya Bahuuddeshiya Shikshan Prasarak Mandal & Ors. vs Auxilo Finserve Pvt. Ltd. & Ors.

Case Number: I.A. No. 67814 of 2026 in SLP (C) No. 19540 of 2025

Judges: Justice Dipankar Datta, Justice Satish Chandra Sharma

Decision Date: April 22, 2026

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