सुप्रीम कोर्ट ने 1 किलो से अधिक हेरोइन की बरामदगी से जुड़े एक मामले में कड़ी नाराज़गी जताते हुए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के शीर्ष अधिकारियों को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है। अदालत ने साफ संकेत दिए कि मामले की सुनवाई में लापरवाही और देरी को अब हल्के में नहीं लिया जाएगा।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला असम से जुड़ा है, जहां वर्ष 2021 में आरोपी अबिद परवेज उर्फ आज़ाद पर 1.045 किलोग्राम हेरोइन रखने का आरोप लगा था। ट्रायल कोर्ट में सुनवाई धीमी रहने के कारण गुवाहाटी हाईकोर्ट ने 20 अप्रैल 2024 को आरोपी को ज़मानत दे दी थी। इसके खिलाफ केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दाखिल की।
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कोर्ट की अहम टिप्पणियां
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने कहा कि
“यह समझ से परे है कि इतने गंभीर मामले में आठ गवाहों की अब तक गवाही क्यों नहीं हो सकी।”
पीठ ने यह भी सवाल उठाया कि हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ याचिका दायर करने में इतनी देरी क्यों हुई। कोर्ट ने कहा कि याचिका दाखिल करने की प्रक्रिया में कोई स्पष्ट प्रणाली नजर नहीं आती।
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सुप्रीम कोर्ट का आदेश
अदालत ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के डायरेक्टर और गुवाहाटी ज़ोन के इंस्पेक्टर जनरल को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही यह भी नोट किया गया कि पहले दिए गए नोटिस के बावजूद स्थानीय पुलिस की ओर से कोई जवाब नहीं आया।
मामले की अगली सुनवाई 12 फरवरी 2026 को तय की गई है, जिसे कोर्ट ने “हाई अप ऑन बोर्ड” रखने का आदेश दिया।
Case Title: Union of India vs Abid Pervez @ Azad Pervez
Case No.: SLP (Crl.) No. 21025/2025
Decision Date: 27 January 2026










