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लाइव कोर्ट कार्यवाही का दुरुपयोग: MP हाईकोर्ट ने 102 वायरल वीडियो हटाने के आदेश दिए

अरिहंत तिवारी बनाम भारत संघ - मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने लाइव-स्ट्रीम की गई कार्यवाही के दुरुपयोग का हवाला देते हुए यूट्यूब और इंस्टाग्राम से अदालत की सुनवाई के 102 वायरल क्लिप हटाने का आदेश दिया।

Shivam Y.
लाइव कोर्ट कार्यवाही का दुरुपयोग: MP हाईकोर्ट ने 102 वायरल वीडियो हटाने के आदेश दिए

लाइव स्ट्रीम की गई अदालत की कार्यवाही के दुरुपयोग पर कड़ा रुख अपनाते हुए मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने सोमवार(9 जनवरी) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को 102 विवादित वीडियो लिंक हटाने का आदेश दिया। अदालत ने साफ कहा कि इन सभी URLs को 48 घंटे के भीतर ब्लॉक किया जाए।

मामले की पृष्ठभूमि

यह आदेश उस जनहित याचिका पर आया, जिसे अधिवक्ता अरिहंत तिवारी, विदित शाह और डॉ. विजय बजाज ने दाखिल किया था। याचिका में कहा गया था कि हाईकोर्ट की लाइव स्ट्रीम कार्यवाही से जुड़े वीडियो को छोटे क्लिप, रील और मीम के रूप में काट-छांट कर यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर डाला जा रहा है।

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याचिकाकर्ताओं का कहना था कि जजों की टिप्पणियों और भावनात्मक क्षणों को संदर्भ से बाहर दिखाया जा रहा है, जिससे न्यायपालिका और वकील समुदाय की छवि को नुकसान पहुंचता है।

कोर्ट की टिप्पणियां

मुख्य न्यायाधीश संजय सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान इन आपत्तियों पर गौर किया।

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पीठ ने मौखिक टिप्पणी में कहा कि आपत्तिजनक वीडियो को हटाया जा सकता है, लेकिन भविष्य में पूरी तरह रोक लगाना व्यावहारिक रूप से मुश्किल है। अदालत ने कहा,

“अगर कोई चैनल बार-बार ऐसे वीडियो डालता है तो उसके खिलाफ कदम उठाया जा सकता है, लेकिन नए अकाउंट बनना एक वास्तविक चुनौती है।”

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कोर्ट ने विजय बजाज बनाम भारत संघ मामले में दिए गए अपने पुराने फैसले का भी हवाला दिया, जिसमें लाइव स्ट्रीम की गई कार्यवाही को एडिट या मॉर्फ करने पर रोक लगाई गई थी।

अदालत का फैसला

याचिकाकर्ता द्वारा सौंपे गए 102 URLs की सूची पर विचार करते हुए हाईकोर्ट ने यूट्यूब और इंस्टाग्राम को निर्देश दिया कि सभी लिंक 48 घंटे के भीतर ब्लॉक किए जाएं। अदालत ने यह भी दोहराया कि पारदर्शिता के साथ-साथ न्यायालय की गरिमा बनाए रखना जरूरी है।

मामले की अगली सुनवाई 24 मार्च को तय की गई है।

Case Title:- Arihant Tiwari v Union of India.

Case Number:- WP No. 36619 of 2025

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