सुप्रीम कोर्ट की अदालत में उस दिन बहस का केंद्र कोई आम आयात नहीं था, बल्कि मशरूम उगाने में इस्तेमाल होने वाली एल्युमिनियम शेल्फ थीं। सवाल सीधा था, लेकिन असर बड़ा-क्या ये शेल्फ कृषि मशीनरी का हिस्सा हैं या सिर्फ एल्युमिनियम संरचना? इसी वर्गीकरण पर करोड़ों के शुल्क का फैसला टिका था।
न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला की पीठ ने इस विवाद पर विस्तार से सुनवाई की और आयात वर्गीकरण से जुड़े कई अहम सिद्धांतों को स्पष्ट किया।
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मामले की पृष्ठभूमि
मामला Commissioner of Customs (Import) बनाम M/s Welkin Foods से जुड़ा है। Welkin Foods ने वर्ष 2016 में मशरूम उत्पादन के लिए एल्युमिनियम शेल्फ, फ्लोर ड्रेन और ऑटोमैटिक वाटरिंग सिस्टम आयात किए थे।
आयात के समय कंपनी ने इन सामानों को Customs Tariff Item (CTI) 84369900 के तहत “कृषि मशीनरी के हिस्से” बताते हुए घोषित किया, जिस पर शून्य या न्यूनतम शुल्क लगता है।
हालांकि, बाद में कस्टम्स ऑडिट में यह आपत्ति उठी कि एल्युमिनियम शेल्फ वास्तव में CTI 76109010 के अंतर्गत “एल्युमिनियम स्ट्रक्चर” हैं, जिन पर लगभग 10% से अधिक कर लगता है। इसी आधार पर करीब ₹21 लाख के शॉर्ट-लेवी की मांग उठी।
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कस्टम्स विभाग का कहना था कि:
- आयात के समय शेल्फ सिर्फ स्थायी ढांचे थे
- इनमें कोई मशीन जैसी चलायमान या यांत्रिक विशेषता नहीं थी
- केवल भविष्य में उपयोग के आधार पर वर्गीकरण नहीं बदला जा सकता
वहीं Welkin Foods ने दलील दी कि:
- ये शेल्फ विशेष रूप से मशरूम उत्पादन के लिए डिजाइन की गई थीं
- इन पर ही पानी, खाद और अन्य कृषि उपकरण लगाए जाते हैं
- सामान्य व्यापार में इन्हें “मशरूम ग्रोइंग रैक” के रूप में ही जाना जाता है
कस्टम्स अपीलीय ट्रिब्यूनल (CESTAT) ने आयातक के पक्ष में फैसला दिया। ट्रिब्यूनल ने माना कि:
“ये एल्युमिनियम शेल्फ साधारण ढांचे नहीं हैं, बल्कि मशरूम उत्पादन प्रणाली का अभिन्न हिस्सा हैं।”
CESTAT ने कॉमन पार्लेंस टेस्ट यानी व्यापारिक समझ का सहारा लेते हुए इन्हें कृषि मशीनरी का हिस्सा माना।
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सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियां
सुप्रीम कोर्ट ने पूरे मामले को General Rules of Interpretation (GRI), HSN Explanatory Notes, और पुराने फैसलों के संदर्भ में परखा।
अदालत ने स्पष्ट किया कि:
- आयात वर्गीकरण में सबसे पहले टैरिफ हेडिंग और नोट्स देखे जाते हैं
- केवल उपयोग (end-use) अपने आप में निर्णायक नहीं होता
- लेकिन कुछ मामलों में व्यापारिक पहचान (common parlance) प्रासंगिक हो सकती है
पीठ ने यह भी कहा:
“वर्गीकरण कोई अनुमान का विषय नहीं है, बल्कि कानूनी नियमों की क्रमबद्ध प्रक्रिया है।”
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अंतिम निर्णय
सभी तर्कों और नियमों के विश्लेषण के बाद सुप्रीम कोर्ट ने यह निष्कर्ष निकाला कि एल्युमिनियम शेल्फ को कृषि मशीनरी का हिस्सा नहीं माना जा सकता।
अदालत ने कस्टम्स विभाग की अपील स्वीकार करते हुए कहा कि:
- ये शेल्फ CTI 76109010 के तहत “एल्युमिनियम संरचना” हैं
- इन पर संबंधित कस्टम ड्यूटी और ब्याज लागू होगा
इसी के साथ मामला यहीं समाप्त हुआ।
Case Title: Commissioner of Customs (Import) vs M/s Welkin Foods
Case No.: Civil Appeal No. 5531 of 2025
Case Type: Customs Classification Dispute
Decision Date: 06 January 2026










