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एलपीजी आपूर्ति रोकने पर होटल उद्योग हाईकोर्ट पहुंचा: बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन ने सप्लाई बहाल करने की मांग की

बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन ने कर्नाटक हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर होटल और रेस्तरां को व्यावसायिक एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। - बैंगलोर होटल्स एसोसिएशन और अन्य बनाम भारत संघ और अन्य

Shivam Y.
एलपीजी आपूर्ति रोकने पर होटल उद्योग हाईकोर्ट पहुंचा: बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन ने सप्लाई बहाल करने की मांग की

कर्नाटक हाईकोर्ट में बेंगलुरु के होटल और रेस्तरां उद्योग से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मामला पहुंचा है। बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन और उसके कुछ पदाधिकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ याचिका दाखिल कर आरोप लगाया है कि व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति अचानक रोक दी गई है, जिससे होटल उद्योग गंभीर संकट में आ गया है।

याचिकाकर्ताओं ने अदालत से अनुरोध किया है कि सरकार और तेल कंपनियों को निर्देश दिया जाए कि बेंगलुरु के होटलों और रेस्तरां को पहले की तरह एलपीजी सिलेंडर की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

मामले की पृष्ठभूमि

याचिका के अनुसार, बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन कर्नाटक सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत पंजीकृत एक संस्था है, जो शहर के होटल उद्योग का प्रतिनिधित्व करती है। इसके साथ जुड़े सदस्य होटल और रेस्तरां व्यवसाय चलाते हैं।

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याचिकाकर्ताओं ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इस स्थिति के चलते वितरकों ने 19 किलोग्राम के व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति रोकने की जानकारी दी।

इसके बाद केंद्र सरकार ने 5 मार्च 2026 को आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत एक आदेश जारी किया, जिसके तहत पेट्रोलियम कंपनियों को कुछ उत्पादों के उपयोग और वितरण को नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए।

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि इसके परिणामस्वरूप होटल और रेस्तरां क्षेत्र को मिलने वाली एलपीजी आपूर्ति पर प्रतिकूल असर पड़ा है।

याचिका में कहा गया है कि बेंगलुरु में लगभग 40,000 होटल और रेस्तरां संचालित हो रहे हैं और इस उद्योग में करीब 6 लाख लोग काम करते हैं। यदि एलपीजी की आपूर्ति बाधित रहती है, तो बड़े पैमाने पर रोजगार प्रभावित हो सकता है।

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याचिकाकर्ताओं ने यह भी बताया कि होटल उद्योग दूध, सब्जियों, मांस, अंडों और फलों जैसे नाशवंत खाद्य पदार्थों का बड़ा उपभोक्ता है। यदि होटल बंद होते हैं तो इन उत्पादों की आपूर्ति श्रृंखला पर भी गंभीर असर पड़ेगा।

याचिका में कहा गया:

“एलपीजी की अचानक आपूर्ति रोकना मनमाना कदम है और यह संविधान के अनुच्छेद 19(1)(g) के तहत व्यापार करने के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है।”

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि होटल और रेस्तरां पूरी तरह व्यावसायिक एलपीजी पर निर्भर हैं और बिना वैकल्पिक व्यवस्था के आपूर्ति रोक देना उद्योग को ठप करने जैसा है।

याचिका में यह भी कहा गया है कि राज्य सरकार द्वारा बनाई गई नीति के अनुसार प्रतिदिन केवल लगभग 1000 व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जो सामान्य आपूर्ति का बहुत छोटा हिस्सा है।

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याचिकाकर्ताओं के अनुसार यह व्यवस्था उद्योग की जरूरतों के मुकाबले बेहद कम है और इससे होटल संचालन मुश्किल हो गया है।

याचिकाकर्ताओं ने कर्नाटक हाईकोर्ट से मांग की है कि:

  • सरकार और तेल कंपनियों को निर्देश दिया जाए कि होटल और रेस्तरां को एलपीजी सिलेंडरों की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करें।
  • व्यावसायिक एलपीजी वितरण पर लगाए गए प्रतिबंधों को हटाया जाए।
  • जब तक याचिका का अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक अंतरिम आदेश जारी कर आपूर्ति जारी रखने का निर्देश दिया जाए।

Case Title: Bangalore Hotels Association & Others v. Union of India & Others

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