मेन्यू
समाचार खोजें...
होमSaved

19 वर्षीय लड़की की 46 वर्षीय व्यक्ति से कथित शादी पर जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट सख्त, महिला IPS से जांच के निर्देश

सुश्री एक्स बनाम केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर और अन्य, 19 वर्षीय लड़की और 46 वर्षीय व्यक्ति की कथित शादी के मामले में जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट सख्त, महिला IPS अधिकारी से जांच के निर्देश।

Vivek G.
19 वर्षीय लड़की की 46 वर्षीय व्यक्ति से कथित शादी पर जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट सख्त, महिला IPS से जांच के निर्देश

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने एक 19 वर्षीय युवती और 46 वर्षीय व्यक्ति की कथित शादी से जुड़े मामले में गंभीर चिंता जताई है। अदालत ने कहा कि यह मामला केवल एक साधारण सुरक्षा याचिका नहीं है, बल्कि इसके पीछे युवतियों को बहलाकर फंसाने जैसी संभावित गतिविधियों की जांच जरूरी है।

न्यायालय ने इस मामले की जांच एक महिला आईपीएस अधिकारी से कराने का संकेत दिया है ताकि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच हो सके।

Read also:- पुलिसकर्मी को कार से टक्कर मारकर बोनट पर घसीटने के आरोप में आरोपी को जमानत नहीं: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट

मामले की पृष्ठभूमि

मामला तब सामने आया जब 19 वर्षीय लड़की ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपनी सुरक्षा की मांग की। उसने दावा किया था कि उसने 46 वर्षीय व्यक्ति से विवाह कर लिया है और उसे सुरक्षा दी जाए।

सुनवाई के दौरान अदालत को युवती की मानसिक स्थिति को लेकर चिंता हुई। इसके बाद उसे पुलिस के माध्यम से ओपन शेल्टर फॉर गर्ल्स, नौगाम (श्रीनगर) भेजा गया ताकि उसकी सुरक्षा और काउंसलिंग सुनिश्चित की जा सके।

अदालत ने यह भी नोट किया कि उस समय महिला पुलिस कर्मी की उपलब्धता में देरी हुई, जिस पर अदालत ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराज़गी जताई थी।

Read also:- कर्नाटक हाईकोर्ट का अहम फैसला: पिता का नाम रहते हुए भी बच्चे के सरनेम में मां का नाम जोड़ने की अनुमति

अदालत की चिंता और शुरुआती आदेश

न्यायमूर्ति राहुल भारती की एकल पीठ ने कहा कि मामले के तथ्यों से संकेत मिलता है कि यह केवल व्यक्तिगत विवाह का मामला नहीं हो सकता।

अदालत ने टिप्पणी की कि युवतियों को बहलाकर विवाह के जाल में फंसाने जैसी गतिविधियों की भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

अदालत ने कहा:
“इस मामले को केवल एक औपचारिक प्रक्रिया की तरह खत्म नहीं किया जा सकता, बल्कि इससे जुड़े व्यापक कानूनी और सामाजिक पहलुओं की जांच जरूरी है।”

इसके साथ ही अदालत ने याचिकाकर्ता युवती की कस्टडी उसकी मां को सौंपने का आदेश दिया और पुलिस को मां-बेटी की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

वकील और अन्य व्यक्तियों की भूमिका भी जांच के दायरे में

हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि इस मामले में उस वकील की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए जिसने याचिका दाखिल की थी।

रजिस्ट्रार ज्यूडिशियल को निर्देश दिया गया कि संबंधित अधिवक्ता को नोटिस जारी कर अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए कहा जाए। अदालत ने चेतावनी दी कि अगर नोटिस से बचने की कोशिश की गई तो कड़े कदम उठाए जाएंगे।

इसके अलावा अदालत ने उस मौलवी या धार्मिक व्यक्ति की भूमिका की भी जांच की जरूरत बताई जिसके संदर्भ से कथित निकाहनामा पेश किया गया था।

Read also:- मद्रास हाईकोर्ट: औद्योगिक उपयोग न होने पर SIPCOT को अतिरिक्त जमीन वापस लेने का अधिकार, कंपनी की

महिला आईपीएस अधिकारी से जांच का निर्देश

बाद की सुनवाई में अदालत ने राज्य के वरिष्ठ अतिरिक्त महाधिवक्ता से कहा कि कश्मीर क्षेत्र में तैनात किसी महिला आईपीएस अधिकारी का नाम अदालत को बताया जाए।

अदालत ने कहा कि पूरी घटना की जांच महिला अधिकारी को सौंपी जानी चाहिए क्योंकि मामले के अंतर-जिला प्रभाव भी हो सकते हैं।

पीठ ने कहा:
“इस बात की जांच जरूरी है कि क्या ग्रामीण क्षेत्रों में युवतियों को निशाना बनाकर ऐसे शिकारी जैसे तरीके अपनाए जा रहे हैं।”

अदालत का अंतिम निर्देश

हाईकोर्ट ने वरिष्ठ अतिरिक्त महाधिवक्ता से अगली सुनवाई में महिला आईपीएस अधिकारी का नाम बताने को कहा है ताकि जांच औपचारिक रूप से शुरू की जा सके।

साथ ही रजिस्ट्री को पहले दिए गए निर्देशों के अनुपालन में आगे की कार्रवाई जारी रखने को कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च 2026 को निर्धारित की गई है।

Case Title: Ms. X vs Union Territory of Jammu & Kashmir & Others

Case No.: WP(C) 200/2026, CM No. 485/2026

Decision Date: 03 March 2026

Mobile App

Take CourtBook Everywhere

Access your account on the go with our mobile app.

Install App
CourtBook Mobile App

More Stories