नई दिल्ली में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने सैकड़ों छात्रों की चिंता को आवाज़ दी। वर्षों से अपनी मार्कशीट और डिग्री के लिए भटक रही एक कानून स्नातक छात्रा को आखिरकार राहत मिली। अदालत ने साफ कहा कि प्रशासनिक चूक की सज़ा छात्र को नहीं दी जा सकती।
मामले की पृष्ठभूमि
अपीलकर्ता प्रतिमा दास ने मणव भारती विश्वविद्यालय से वर्ष 2017–2022 के दौरान BA LL.B कोर्स पूरा किया था। पढ़ाई और सभी परीक्षाएं पास करने के बावजूद उन्हें पांचवें से दसवें सेमेस्टर की मार्कशीट और डिग्री नहीं दी गई।
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2019 में विश्वविद्यालय पर फर्जी डिग्री बेचने के आरोपों के बाद SIT जांच शुरू हुई और रिकॉर्ड जब्त कर लिए गए। इसी कारण कई छात्रों की तरह प्रतिमा दास के दस्तावेज़ भी अटक गए।
छात्रों ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की। कोर्ट ने रिकॉर्ड सत्यापन के लिए समिति बनाई, लेकिन प्रतिमा दास का नाम Admission Disclosure List में नहीं होने के कारण उनके दस्तावेज़ जारी नहीं किए गए।
बाद में हाईकोर्ट ने यह कहते हुए याचिका निपटा दी कि विवादित तथ्य तय नहीं किए जा सकते और छात्र वैकल्पिक उपाय अपनाएं।
मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। सुनवाई के दौरान विश्वविद्यालय ने हलफनामे में स्वीकार किया कि-
“छात्रा का नाम ग्रीन रजिस्टर में मौजूद है। Admission Disclosure List में नाम न होना एक मानवीय और अनजानी प्रशासनिक गलती थी।”
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अदालत ने माना कि छात्रा ने सभी परीक्षाएं पास की हैं और गलती पूरी तरह विश्वविद्यालय प्रशासन की है।
कोर्ट की अहम टिप्पणियां
पीठ ने स्पष्ट शब्दों में कहा-
“रिकॉर्ड से यह निर्विवाद है कि अपीलकर्ता एक वास्तविक छात्रा थी। विश्वविद्यालय की लापरवाही के कारण उसे भविष्य से वंचित नहीं किया जा सकता।”
कोर्ट ने यह भी कहा कि अब किसी तरह का तथ्यात्मक विवाद शेष नहीं है, इसलिए छात्रा को किसी और अदालत में भेजना अन्यायपूर्ण होगा।
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अंतिम फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने अपील स्वीकार करते हुए मणव भारती विश्वविद्यालय को आदेश दिया कि-
- 5वें से 10वें सेमेस्टर की सभी मार्कशीट
- BA LL.B की डिग्री
- और अन्य आवश्यक शैक्षणिक दस्तावेज़
चार सप्ताह के भीतर छात्रा को उपलब्ध कराए जाएं।
Case Title: Pratima Das vs State of Himachal Pradesh & Ors.
Case No.: Civil Appeal arising out of SLP (C) No. 15180 of 2025
Case Type: Civil Appeal
Decision Date: 06 January 2026










